नालंदा परिषर: जशपुर और कुनकुरी को मिली बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल



📚 नालंदा परिषर: जशपुर और कुनकुरी को मिली बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से बनेगा ज्ञान का आधुनिक केंद्र
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के शिक्षा प्रेमी युवाओं को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से एक बड़ी सौगात मिली है। जिले में युवाओं की शैक्षणिक ज़रूरतों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखते हुए अब जशपुर नगर और कुनकुरी में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त “नालंदा परिषर (लाइब्रेरी)” की स्थापना की जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत:

जशपुर में 500 सीटर नालंदा परिषर

कुनकुरी में 200 सीटर नालंदा परिषर
की स्थापना की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस महत्वाकांक्षी योजना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और दूरदर्शिता के तहत तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

🔹 सीएम विष्णु देव साय की प्राथमिकता – ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया है कि “प्रदेश की प्रतिभाओं को गांव से निकलकर देश स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होते देखना मेरा सपना है। नालंदा परिषर जैसी योजनाएं इस दिशा में मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगी।”

जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में शिक्षा को लेकर वर्षों से संसाधनों की कमी रही है। मुख्यमंत्री ने इस कमी को दूर करने के लिए शिक्षा को बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ने की दिशा में यह ठोस कदम उठाया है।

🔸 नालंदा परिषर में होंगी ये आधुनिक सुविधाएं:
हाई-स्पीड इंटरनेट युक्त अध्ययन कक्ष

डिजिटल लाइब्रेरी एक्सेस: UPSC, CGPSC, SSC, बैंकिंग और अन्य परीक्षाओं के लिए सामग्री

ई-बुक्स, ऑडियो-बुक्स और डिजिटल सब्सक्रिप्शन

AC युक्त अध्ययन हॉल

24×7 पढ़ाई की व्यवस्था (शिफ्ट आधारित)

CCTV निगरानी और सुरक्षा सुविधा

मोटिवेशनल सेमिनार, मॉक टेस्ट और करियर गाइडेंस सेशन


🔹 युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ
हर साल जशपुर और कुनकुरी के हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। लेकिन उनके पास न तो पर्याप्त किताबें होती हैं, न ही पढ़ने के लिए शांत और सुव्यवस्थित माहौल। इन नालंदा परिषरों के बन जाने के बाद अनुमान है कि:

10,000+ छात्र-छात्राएं प्रतिवर्ष इसका सीधा लाभ उठा सकेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिलेगा शहरी छात्रों जैसा प्लेटफॉर्म।

यह परिषर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता और परिणाम दोनों में बड़ा सुधार लाएगा।

🔸 आगे की योजना
प्रशासन के अनुसार, भूमि चयन और डिज़ाइन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वित्तीय स्वीकृति के बाद जल्द ही निर्माण कार्य भी आरंभ हो जाएगा। संभावना है कि वर्ष 2026 के मध्य तक दोनों परिषर पूर्ण रूप से चालू हो जाएंगे।

📌 निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल न केवल एक भव्य शैक्षणिक संरचना है, बल्कि यह गांव-गांव में छुपी प्रतिभाओं को उड़ान देने वाला मिशन है। जशपुर और कुनकुरी अब सिर्फ भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि बौद्धिक रूप से भी उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर हैं।

🙏 “ज्ञान की मशाल अब जशपुर और कुनकुरी से भी जलेगी!”

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