नई दिल्ली। महिला शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस बीच Vijay Aditya Singh Judev ने कांग्रेस पार्टी के रुख पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया है।अपने बयान में उन्होंने कहा कि महिला शक्ति वंदन अधिनियम, जिसका देश की महिलाओं को लंबे समय से इंतजार था, जब आखिरकार लोकसभा में प्रस्तुत हुआ तो उम्मीद थी कि सभी दल इसका समर्थन करेंगे। लेकिन कांग्रेस द्वारा इसके विरोध ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पूछा कि आखिर इस विरोध का आधार क्या है? क्या महिलाओं को उनका अधिकार देना गलत है, या उन्हें राजनीति में बराबरी का स्थान देना किसी को स्वीकार नहीं है?जूदेव ने कहा कि वर्षों तक इस मुद्दे पर केवल चर्चा होती रही, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब जब एक निर्णायक पहल की गई है, तो राजनीतिक विरोध सामने आ रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता अब पहले जैसी नहीं रही।उनके अनुसार, आज की जनता जागरूक और समझदार है, और इस बार उसने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वह इस तरह के विरोध के साथ नहीं है। “यह पहली बार है जब विपक्ष का विरोध जनता को स्वीकार नहीं हो रहा, क्योंकि यह मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि हर घर की गरिमा से जुड़ा है,” उन्होंने कहा।उन्होंने आगे कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि उस सोच के खिलाफ एक मजबूत कदम है जो महिलाओं को पीछे रखना चाहती थी। यह उन मानसिकताओं को चुनौती देता है जो समानता से डरती हैं।अपने बयान के अंत में जूदेव ने कहा कि अब समय आ गया है कि जो भी महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़ा होगा, उसे जनता माफ नहीं करेगी। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इस बदलाव का हिस्सा बनें और उन आवाज़ों को मजबूत करें जो वर्षों से दबाई जाती रही हैं। पोस्ट नेविगेशन प्रतिनिधियों को गुजरात सरकार द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया तथा पांच दिवसी प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण का समापन किया गया**।